किशन रागिनी 😬




 एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में, जो घने जंगल के किनारे बसा हुआ था, किशन नाम का एक किसान रहता था। उसकी झोपड़ी जंगल के बाहरी छोर पर थी, जहाँ से उसे हर सुबह अपनी खेती के लिए निकलना पड़ता था। किशन एक साधारण, मेहनती व्यक्ति था, जो अपनी पत्नी और बच्चों के साथ सादा जीवन व्यतीत करता था।


यह जंगल कोई साधारण जंगल नहीं था। गाँव वाले अक्सर इसकी कहानियाँ सुनाया करते थे, जिनमें श्रापित आत्माओं और रहस्यमय शक्तियों का ज़िक्र होता था। खासकर एक प्रेतनी की कहानी सबसे ज़्यादा प्रचलित थी, जिसे 'श्रापित रागिनी' के नाम से जाना जाता था। कहा जाता था कि वह रागिनी किसी ज़माने में एक खूबसूरत नर्तकी थी, जिसे किसी क्रूर राजा ने धोखे से मार डाला था, और तब से उसकी आत्मा जंगल में भटकती रहती थी, न्याय की तलाश में।


एक दिन, किशन सुबह-सुबह अपने खेतों की ओर जा रहा था। आकाश में अभी भी थोड़ी धुंध थी, और की खामोशी में केवल पत्तों की सरसराहट सुनाई दे रही थी। तभी, उसे रास्ते के किनारे एक अजीब सी रौशनी दिखाई दी। जैसे ही वह करीब पहुँचा, रौशनी एक धुंधली आकृति में बदल गई - एक औरत की आकृति, जिसके बाल बिखरे हुए थे और आँखें गहरी पीड़ा से भरी थीं। किशन ने तुरंत पहचान लिया कि यह वही श्रापित रागिनी थी जिसके बारे में उसने सुना था।


रागिनी की आवाज़ हवा में गूँजी, एक दर्दनाक पुकार जैसी, "मुझे मुक्ति चाहिए, किसान ! मेरा बदला पूरा नहीं हुआ है।" किशन डर के मारे काँप रहा था, लेकिन उसमें उस आत्मा की मदद करने की एक अजीब सी इच्छा जागृत हुई। उसने हिम्मत जुटाई और पूछा, "मैं तुम्हारी क्या मदद कर सकता हूँ, देवी?"


रागिनी ने उसे अपनी दुखभरी कहानी सुनाई, कैसे उसे धोखा दिया गया और कैसे उसकी आत्मा तब तक शांति नहीं पा सकती जब तक उसके हत्यारे को न्याय न मिल जाए। किशन ने ध्यान से सुना। उसे पता था कि यह एक खतरनाक काम है, लेकिन उसने उस आत्मा रागिनी ने उसे बताया कि उसके हत्यारे राजा का खजाना अभी भी जंगल में कहीं छिपा हुआ है, और उस खजाने में एक जादुई हार है जो उसे मुक्ति दिला सकता है। किशन ने कई दिनों तक जंगल में खोजबीन की, कई मुश्किलों का सामना किया, और अंत में उसे वह खजाना मिल गया। उसने हार निकाला और रागिनी के सामने प्रस्तुत किया।


जैसे ही रागिनी ने हार को छुआ, एक तेज़ रौशनी चमकी और उसकी आत्मा को शांति मिली। वह एक मुस्कान के साथ हवा में विलीन हो गई, और जंगल में फिर से शांति छा गई। किशन अपने घर लौट आया, एक गहरी संतुष्टि के साथ। उसने गाँव वालों को अपनी कहानी सुनाई, और उस दिन से, जंगल के प्रति उनका डर कम हो गया।


किशन एक नायक बन गया, जिसने एक श्रापित आत्मा को मुक्ति दिलाई। उसकी झोपड़ी अब केवल एक किसान का घर नहीं बल्कि उस बहादरी और करुणा की बन गई थी जिसने एक प्राचीन श्राप को तोड़ा था।

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