5000 साल पुराना श्राप
5000 साल पुराना श्राप अमन एक पुराने किताबों का शौकीन था। उसकी दुनिया लाइब्रेरी की धूल भरी अलमारियों और सदियों पुरानी कागज़ की महक के इर्द-गिर्द घूमती थी। एक सर्द शाम, शहर के सबसे पुराने कबाड़ी बाज़ार में, उसकी नज़र एक ऐसी किताब पर पड़ी जो बाकी सबसे अलग थी। यह लगभग 5000 साल पुरानी लग रही थी। इसकी जिल्द किसी जानवर की सूखी त्वचा से बनी थी, और उस पर स्याही से नहीं, बल्कि खून से लिखे गए अजीबोगरीब, अपरिचित चिह्न खुदे हुए थे। दुकानदार ने इसे "अछूत किताब" कहकर दूर रहने की सलाह दी, मगर अमन की उत्सुकता, डर से कहीं ज़्यादा थी। उसने एक मोटी रकम चुकाई और उस शापित किताब को अपने घर ले आया। रात के सन्नाटे में, अमन ने हाथ काँपते हुए उस किताब को खोला। जैसे ही उसने पहला पन्ना पलटा, एक भयानक, सड़ी हुई गंध कमरे में फैल गई, और एक पल के लिए उसे लगा जैसे उसके कान में हज़ारों साल पुरानी कोई फुसफुसाहट गूंजी हो। किताब के अंदर कोई कहानी नहीं थी, बस वही भयानक, खून के रंग के चिह्न थे। अगली सुबह से, अमन के साथ वो चीज़ें होने लगीं, जिनकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी। पहला दिन: बदलती परछाई शु...